कुत्ते और इंसान अलग नहीं हैं
ब्रह्मांडीय राग की एक ही आवाज़
आप, आपके बगीचे में खिले फूल, और आपकी गली में बैठा कुत्ता — देखने में अलग-अलग लग सकते हैं। लेकिन सच यह है कि आप सभी एक ही मूल पदार्थ से बने हैं।
"संभवतः इस पृथ्वी पर कभी भी जीवित रहे सभी जीव किसी एक आदिम जीवन-रूप से उत्पन्न हुए हैं, जिसमें पहली बार जीवन का संचार हुआ था।"
सदियों से मनुष्य यह जानना चाहता रहा है कि पृथ्वी पर जीवन की शुरुआत कैसे हुई। क्या जीवन हमेशा से मौजूद था? यदि नहीं, तो उससे पहले क्या था? जीवन अस्तित्व में कैसे आया? क्या आपके पास इन प्रश्नों का कोई उत्तर है? और उन अनगिनत ग्रहों पर, जो दूसरे तारों की परिक्रमा करते हैं, क्या वहाँ भी जीवन हो सकता है?
वैज्ञानिकों का मानना है कि पृथ्वी पर मौजूद हर जीव जटिल कार्बनिक अणुओं से बना है।
केवल हमारी आकाशगंगा में ही अरबों ग्रह मौजूद हैं।
जीवन की शुरुआत
इस छोटे-से संसार पर जीवन का संगीत लगभग 4 अरब वर्ष पहले आदिम पृथ्वी के तालाबों और महासागरों में शुरू हुआ। उस समय पृथ्वी बंजर थी। सबसे पहला जीव एक एक-कोशिकीय जीव था। तब तक कोई शिकारी मौजूद नहीं था।
जीवन का विकास
लगभग 3 अरब वर्ष पहले कुछ एक-कोशिकीय जीव एक साथ आने लगे, जिससे बहुकोशिकीय जीवों की शुरुआत हुई। माना जाता है कि लगभग 2 अरब वर्ष पहले लैंगिक प्रजनन (Sexual Reproduction) विकसित हुआ। उससे पहले नए जीवों की प्रजातियाँ केवल यादृच्छिक उत्परिवर्तनों (Random Mutations) के संचय से ही उत्पन्न होती थीं।
लगभग 1 अरब वर्ष पहले पृथ्वी के महासागर सरल हरे पौधों से भर चुके थे।
लगभग 50 करोड़ वर्ष पहले, कैम्ब्रियन विस्फोट (Cambrian Explosion) के बाद महासागर अनेक प्रकार के जीवों से भर गए। मनुष्य का अस्तित्व पृथ्वी के इतिहास में केवल कुछ ही लाख वर्षों से है।
निष्कर्ष
यदि हम समय में बहुत पीछे जाएँ और व्यापक दृष्टिकोण से देखें, तो पाएँगे कि इस पृथ्वी का हर पौधा और हर जीव एक ही मूल स्रोत से बना है।
हम सभी लगभग 15 करोड़ किलोमीटर दूर स्थित एक ही ऊर्जा स्रोत — सूर्य — पर निर्भर हैं। और इस पृथ्वी पर हमारी यात्रा भी एक ही प्रारंभिक बिंदु से शुरू हुई थी।
संदर्भ
- चार्ल्स डार्विन — द ओरिजिन ऑफ स्पीशीज़ (1859)
- कार्ल सेगन — कॉसमॉस, अध्याय 2: One Voice in the Cosmic Fugue

